नया संसद भवन बनाए जाने की योजना पर काम शुरू, इस कंपनी को मिली डिजाइन की जिम्मेदारी

दिल्ली में नया संसद भवन बनाए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है. शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि सांसदों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नया भवन बनाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा.

संसद भवन का नया डिजाइन तैयार करने का जिम्मा गुजरात की एक कंपनी को दिया गया है. पुरी ने कहा कि पार्लियामेंट के बाहरी हिस्से को बदलने का सवाल ही नहीं है. इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन के बीच के इलाके का पुनर्निर्माण होगा. लेकिन संसद की मौजूदा बिल्डिंग गिराई नहीं जाएगी, न ही उसकी जगह बदली जाएगी.

फिलहाल सीपीडब्ल्यूडी संसद परिसर में संसद की एक नई इमारत बनाने के प्रस्ताव पर सलाह-मशविरा कर रहा है. इन सभी इमारतों को भूंकप-रोधी भी बनाया जाएगा.

सन 1927 में बने ऐतिहासिक संसद भवन की डिज़ाइन और जगह को नहीं बदला जाएगा. भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक बन चुकी इस 92 साल पुरानी इमारत को नए सिरे से बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. नया डिज़ाइन तैयार करने के लिए सरकार ने शुक्रवार को गुजरात की एक कंपनी एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की. बिमल पटेल के नेतृत्व वाली कंपनी ने गांधीनगर में केंद्रीय विस्टा और अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का पुनर्विकास भी किया था.

शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, पार्लियामेंट के बाहरी हिस्से को बदलने का सवाल ही नहीं है. इस समय संसद भवन हमारे मौजूदा सांसदों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है. सांसदों के लिए बैठने की जगह नहीं है.

सरकार ने तय किया है कि संसद भवन के साथ-साथ इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन के बीच तीन किलोमीटर लंबे और डेढ़ किलोमीटर चौड़े इलाके का पुनर्निमाण होगा. फिलहाल इस पर 12500 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है.

सीपीडब्लूडी के डीजी प्रभाकर सिंह ने कहा, ‘मौजूदा संसद भवन में कभी प्लास्टर गिर जाता है, आग लग जाती है, पानी लीकेज होता है… हम सोच रहे हैं कि इस संसद भवन को रहने दिया जाए और एक नया संसद भवन बनाया जाए जो भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हो. जब नई बिल्डिंग बन जाएगी तो उसके बाद मौजूदा संसद भवन का रिनोवेशन करना होगा.’

नए संसद भवन में मंत्रियों की तर्ज पर अब सभी सांसदों को भी मिलेगा अलग कमरा मिलेगा. सरकार ने तय किया है कि अगस्त 2022 तक संसद के पुनर्निमाण का काम पूरा कर लिया जाएगा ताकि 2022 का मानसून सत्र नए परिसर में हो.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Subscribe To Our Newsletter

[mc4wp_form id="69"]