सियासी गतिरोध के बीच शिवसेना ने कहा-आखिरी समय तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे

महाराष्ट्र में अगली सरकार को लेकर चल रही अटकलों के बीच शनिवार को शिवसेना ने कहा कि वह गठबंधन धर्म का पालन करेगी. शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा, शिवसेना ने गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा और हम आखिरी समय तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे.

बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही सरकार बनाने को लेकर लगातार खींचतान चल रही ​है. विधानसभा का कार्यकाल 8 नवंबर को समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हो पाया ​है कि कौन सी पार्टी सरकार बनाने जा रही है.

शुक्रवार को संजय राउत ने कहा था कि शिवसेना को स्थिर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या मिल सकती है. उन्होंने कहा था कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, शिवसेना और भाजपा को छोड़कर हर कोई एक-दूसरे से बात कर रहा है. शिवसेना ने सरकार बनाने की बात नहीं रोकी.

वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नई सरकार बनाने में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के समर्थन की सिफारिश भी की थी.

इतना ही नहीं राउत, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के साथ अपनी हालिया बैठक के दौरान यह कहते हुए दिखाई दिए थे कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए राज्य में एक नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है.

लेकिन महाराष्ट्र के सियासी गतिरोध के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बयान आया कि जनता ने उनकी पार्टी से विपक्ष में बैठने के लिए कहा है और पार्टी ऐसा ही करेगी. शिवसेना की एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाने की संभावना की खबरों के बीच पवार ने यह टिप्पणी की.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ किया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठेगी. उन्होंने कहा कि राउत मुझसे मिले थे, लेकिन शिवसेना के बारे में कोई बात नहीं हुई.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी विपक्ष में बैठने को तैयार है. इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता कहते आए हैं कि अगर शिवसेना समर्थन मांगने आती है तो हम उसपर विचार करेंगे. लेकिन पार्टी नेृतत्व इसके खिलाफ है.

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